गाना / Title: हवा चली थी कुछ ऐसी बिखर गये होते - hawaa chalii thii kuchh aisii bikhar gaye hote

चित्रपट / Film: गैर फ़िल्म-(Non-Film)

संगीतकार / Music Director:

गीतकार / Lyricist: Nida Fazli

गायक / Singer(s): Ghulam Ali

Lyrics in English - ASCII
देवनागरी बोल :
          



हवा चली थी कुछ ऐसी बिखर गये होते
रगों में ख़ून न होता तो मर गये होते

ये सर्द हवा ये आवारगी ये नींद का बोझ
हम अपने शहर में होते तो घर गये होते

हमीं ने रोक लिये अपने सर पे ये इल्ज़ाम
वगरना शहर में किस किस के सर गये होते

हमीं ने ज़ख़्म-ए-दिल-ओ-जाँ छिपा लिया वरना
न जाने कितनों के चेहरे उतर गये होते

सुकून-ए-दिल को न इस तरह तरसते हम
तेरे करम से जो बच कर गुज़र गये होते



        

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Lyrics:
      

hawaa chalii thii kuchh aisii bikhar gaye hote
rago.n me.n Kuun na hotaa to mar gaye hote

ye sard hawaa ye aawaaragii ye nii.nd kaa bojh
ham apane shahar me.n hote to ghar gaye hote

hamii.n ne rok liye apane sar pe ye ilzaam
vagaranaa shahar me.n kis kis ke sar gaye hote

hamii.n ne zaKm-e-dil-o-jaa.N chhipaa liyaa waranaa
na jaane kitano.n ke chehare utar gaye hote

sukuun-e-dil ko na is tarah tarasate ham
tere karam se jo bach kar guzar gaye hote