गाना / Title: ये दिन क्यूँ निकलता है ... मुहब्बत है क्या चीज़ - ye din kyuu.N nikalataa hai ... muhabbat hai kyaa chiiz

चित्रपट / Film: Prem Rog

संगीतकार / Music Director: लक्ष्मीकांत - प्यारेलाल-(Laxmikant-Pyarelal)

गीतकार / Lyricist: Santosh Anand

गायक / Singer(s): लता मंगेशकर-(Lata Mangeshkar)सुरेश वाडकर-(Suresh Wadkar)

Lyrics in English - ASCII
देवनागरी बोल :
          



ल:	ये दिन क्यूँ निकलता है
	ये रात क्यूँ होती है
	ये पीड़ कहाँ से उठती है
	ये आँख क्यूँ रोती है

	मुहब्बत है क्या चीज़
	मुहब्बत है क्या चीज़ हमको बताओ 
	ये किसने शुरू की हमें भी सुनाओ
	मुहब्बत है क्या चीज़ -२
	
सु:	शाम तक था एक भँवरा फूल पर मण्डला रहा
	रात होने पर कमल की पंखड़ी में बंद था
	क़ैद से छूटा सुबह तो हमने पूछा क्या हुआ
	कुछ न बोला अपनी धुन में बस यही गाता रहा
	मुहब्बत है क्या चीज़ हमको बताओ 
	ये किसने शुरू की हमें भी सुनाओ
ल:	मुहब्बत है क्या चीज़ -२

	दहकता है बदन कैसे
	सुलगती हैं ये साँसें क्यों 
	ये कैसी आग होती है
	पिघलती है ये शमा क्यूँ
सु:	जल उठी शमा तो मचल कर पर्वाना आ गया 
	आग के दामन में अपने आप को लिपटा दिया 
	हमने पूछा दूसरे की आग में रखा है क्या
	कुछ न बोला अपनी धुन में बस यही गाता रहा 
ल:	मुहब्बत है क्या चीज़ हमको बताओ 
	ये किसने शुरू की हमें भी सुनाओ
	मुहब्बत है क्या चीज़ -२
	
	नशा होता है कैसा
	बहकते हैं क़दम कैसे
	नज़र कुछ भी नहीं आता
	ये मस्ती कैसी होती है
सु:	एक दिन गुज़रे जो हम, मयकदे के मोड़ से
	एक मयकश ज़ रहा था मय से रिश्ता जोड़ के
	हमने पूछा किसलिये तू उम्र भर पीता रहा
	कुछ ना बोला अपनी धुन में बस यही गाता रहा 
दो:	मुहब्बत है क्या चीज़ हमको बताओ 
ल:	ये किसने शुरू की हमें भी सुनाओ
	मुहब्बत है क्या चीज़ -३



        

Related content:

Lyrics in Unicode - Devanagari
Lyrics:
      

la:	ye din kyuu.N nikalataa hai
	ye raat kyuu.N hotii hai
	ye pii.D kahaa.N se uThatii hai
	ye aa.Nkh kyuu.N rotii hai

	muhabbat hai kyaa chiiz
	muhabbat hai kyaa chiiz hamako bataao 
	ye kisane shuruu kii hame.n bhii sunaao
	muhabbat hai kyaa chiiz -2
	
su:	shaam tak thaa ek bha.Nwaraa phuul par maNDalaa rahaa
	raat hone par kamal kii pa.nkha.Dii me.n ba.nd thaa
	qaid se chhuuTaa subah to hamane puuchhaa kyaa huaa
	kuchh na bolaa apanii dhun me.n bas yahii gaataa rahaa
	muhabbat hai kyaa chiiz hamako bataao 
	ye kisane shuruu kii hame.n bhii sunaao
la:	muhabbat hai kyaa chiiz -2

	dahakataa hai badan kaise
	sulagatii hai.n ye saa.Nse.n kyo.n 
	ye kaisii aag hotii hai
	pighalatii hai ye shamaa kyuu.N
su:	jal uThii shamaa to machal kar parvaanaa aa gayaa 
	aag ke daaman me.n apane aap ko lipaTaa diyaa 
	hamane puuchhaa duusare kii aag me.n rakhaa hai kyaa
	kuchh na bolaa apanii dhun me.n bas yahii gaataa rahaa 
la:	muhabbat hai kyaa chiiz hamako bataao 
	ye kisane shuruu kii hame.n bhii sunaao
	muhabbat hai kyaa chiiz -2
	
	nashaa hotaa hai kaisaa
	bahakate hai.n qadam kaise
	nazar kuchh bhii nahii.n aataa
	ye mastii kaisii hotii hai
su:	ek din guzare jo ham, mayakade ke mo.D se
	ek mayakash za rahaa thaa may se rishtaa jo.D ke
	hamane puuchhaa kisaliye tuu umr bhar piitaa rahaa
	kuchh naa bolaa apanii dhun me.n bas yahii gaataa rahaa 
do:	muhabbat hai kyaa chiiz hamako bataao 
la:	ye kisane shuruu kii hame.n bhii sunaao
	muhabbat hai kyaa chiiz -3